सुप्रीम कोर्ट: शादी से इनकार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शादी से इनकार या ब्रेकअप के बाद आत्महत्या करने पर पुरुष पर उकसाने का मामला नहीं चलाया जा सकता।
क्या हुआ
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यदि कोई पुरुष शादी से इनकार करता है और उसके बाद लड़की ब्रेकअप के बाद आत्महत्या करती है, तो उस पुरुष पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं चलाया जा सकता।
मुख्य तथ्य
- अदालत ने कहा कि शादी से इनकार या ब्रेकअप का अर्थ आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माना जाता।
- इस टिप्पणी से प्रेम संबंधों में कानूनी जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होती है।
- फैसले में यह भी उल्लेख किया गया कि ऐसी परिस्थितियों में अभियोजन का आधार नहीं बनता।
- सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी मीडिया में व्यापक रूप से रिपोर्ट की गई।
- अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल शादी से इनकार या ब्रेकअप के आधार पर उकसाने का आरोप लगाना कानून के अनुसार सही नहीं है।
- इस प्रकार, प्रेम संबंधों में उत्पन्न स्थितियों के कानूनी नतीजों को सीमित किया गया है।
अदालत का यह निर्णय दिखाता है कि कानून प्रेम संबंधों के तोड़फोड़ को आत्महत्या के लिए उकसाने के रूप में नहीं मानता, जब तक कि कोई स्पष्ट उकसावे का सबूत न हो।
स्रोत:
- TV9 Bharatvarsh — www.tv9hindi.com/india/supreme-court-no-case-man-breakup-refusal-marry-woman-commits-suicide-3929474.html
- Jagran — news.google.com/rss/articles/CBMiwAFBVV95cUxQYlltcmt2OS1uaU02d3QyV19RaUQzQWdiOGpvNDZOeW5aekZHeWFaaVpFOE9ldlJzUHM1enhFNlY3bUtjWFoydE9GWWFldjZiSEM1LWxRRENRQnpKSF9HbmFPS1lHWTVNSndjMkd5ZEZUeXF2RFJkTm5NdTFJYU9lYzhfMkZjV1hnYWNWNVgzU21aanNXRlhfV1JwTDcwRk1GemtFUmFva0dJSlEwYWRQZ1d3WHF2ZWRueGJWY3BtSW0?oc=5