सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट को मौलिक अधिकार बताया, बच्चों को दूर रखना बेतुका कहा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट का उपयोग हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है, बच्चों को दूर रखना बेतुका, डेटाबेस बनाने और केस में 26.6 गुना वृद्धि का उल्लेख किया।

क्या हुआ
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट का उपयोग हर व्यक्ति, यहाँ तक कि बच्चों का भी मौलिक अधिकार है।
मुख्य बिंदु
कोर्ट ने बताया कि बच्चों को पूरी तरह से इंटरनेट से दूर रखना बेतुका होगा।
अतिरिक्त तथ्य
कोर्ट ने बाल यौन शोषण कंटेंट हटाने के लिए एक डेटाबेस बनाने की आवश्यकता जताई।
संख्यात्मक जानकारी
कोर्ट ने उल्लेख किया कि पिछले पाँच वर्ष में ऐसे मामलों की संख्या 26.6 गुना बढ़ गई है।
स्रोत:
- India TV Hindi — news.google.com/rss/articles/CBMi0gFBVV95cUxPUjNNWEVIeGowWXhtU2hnUE1zWmJKdVZBdW54TDNSa0ZBWUdIeFFUcnRnS2hNODlhaE9jWkpiYzM2VWppdzBNbWhUdGVZalp0LVVyTTMxSlVyUlBzYU1INWNDWDdLV3RCQzRIT3NTYnduY2sxdFlFSWNWYUtIOHpKMkw0TUlnQ3NwdkFSZmFMTkVFc3BXWkY3OVU0R2czWnBYZ20xLVk0WHc3QW16ZVJyQ0VKbHczczR2bVdFWHd3bmgzdFFXdmUyOFBkckVHVmNSNGc?oc=5
- Dainik Bhaskar — www.bhaskar.com/national/news/supreme-court-internet-fundamental-right-children-access-news-139394247.html