सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी अंतर पर सवाल उठाया
सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर दवाओं पर भारी मार्क-अप और कीमतों में असमानता पर सवाल उठाए। कोर्ट ने केंद्र से 16% से अधिक मार्जिन पर सवाल किया और कीमतों को विनियमित करने की मांग की।

क्या हुआ
सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर दवाओं पर भारी मार्क-अप और कीमतों में असमानता पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी अंतर को लेकर चिंता जताई और इसे ‘कार्नेज’ बताया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ₹2700 वाली कैंसर दवा की एमआरपी ₹27 हजार तक पहुंच रही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्राइवेट अस्पताल इंडस्ट्री की तरह काम कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि दवाओं की एमआरपी खुदरा कीमत से 16% से अधिक क्यों होनी चाहिए। साथ ही यह सवाल भी उठाया कि सभी दवाओं पर अधिकतम 16% मार्जिन की सीमा क्यों नहीं तय की जा सकती। याचिकाकर्ताओं ने दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कीमतों को विनियमित करने की मांग की है ताकि वे अधिक किफायती हों।
किसने क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर दवाओं पर भारी मार्क-अप और कीमतों में असमानता पर सवाल उठाए। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि दवाओं की एमआरपी खुदरा कीमत से 16% से अधिक क्यों होनी चाहिए और सभी दवाओं पर अधिकतम 16% मार्जिन की सीमा क्यों नहीं तय की जा सकती। याचिकाकर्ताओं ने दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कीमतों को विनियमित करने की मांग की है ताकि वे अधिक किफायती हों।
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